श्रमिक परिवारों के बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा, मुख्यमंत्री ने कहा सपनों को दें नई उड़ान
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि श्रमिक छत्तीसगढ़ के विकास की मजबूत नींव हैं। अपने परिश्रम से श्रमिक सड़कें, भवन, पुल और विकास की अनेक संरचनाएं खड़ी करते हैं। ऐसे श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और जीवन में आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। जब श्रमिक परिवारों के बच्चे पढ़-लिखकर आगे बढ़ेंगे और अपने सपनों को साकार करेंगे, तभी विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का संकल्प पूरा होगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सोमवार को राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने योजना के तहत अध्ययनरत बच्चों से आत्मीय संवाद किया और शिक्षा, खेल, कला तथा सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया।
समारोह में विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के तहत 1 लाख 45 हजार 841 श्रमिकों के बैंक खातों में 39 करोड़ 67 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे अंतरित की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को व्यवस्थित यूनिफॉर्म में आत्मविश्वास के साथ अंग्रेजी में संवाद करते और पढ़ाई के साथ खेल व अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते देखना खुशी की बात है। बच्चों का बढ़ता आत्मविश्वास यह साबित करता है कि उचित अवसर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलने पर परिस्थितियां किसी प्रतिभा को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकतीं।
उन्होंने बताया कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना की शुरुआत पिछले वर्ष 100 बच्चों के साथ की गई थी। इस वर्ष योजना का विस्तार करते हुए 200 बच्चों को प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में पढ़ाई का अवसर दिया गया है। प्रदेश के सभी 33 जिलों से चयनित प्रतिभावान बच्चे राजकुमार कॉलेज, दिल्ली पब्लिक स्कूल और रुंगटा पब्लिक स्कूल जैसे प्रतिष्ठित विद्यालयों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन विद्यालयों में अपने बच्चों को पढ़ाना कभी श्रमिक परिवारों के लिए मुश्किल सपना हुआ करता था, आज राज्य सरकार उस सपने को साकार करने का प्रयास कर रही है। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना सिर्फ प्रतिष्ठित विद्यालयों में प्रवेश दिलाने की पहल नहीं है, बल्कि बच्चों को बेहतर वातावरण, आत्मविश्वास और अपने सपनों को पूरा करने के समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
श्रमिकों के परिश्रम से खड़ी होती है विकास की मजबूत बुनियाद
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरों की ऊंची इमारतों से लेकर गांवों की सड़कों और बड़े पुलों तक विकास की हर बड़ी परियोजना के पीछे श्रमिकों का परिश्रम है। राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले श्रमिकों और उनके परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और समृद्धि सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने बताया कि श्रम विभाग के तीन मंडलों के माध्यम से श्रमिकों के कल्याण के लिए 67 प्रकार की योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, मातृत्व सहायता, दिव्यांग सहायता, पेंशन, कौशल उन्नयन, रोजगार और आवास सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। सरकार का प्रयास है कि इन योजनाओं का लाभ पात्र श्रमिकों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचे और सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में जमा हो।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक हितों की सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा मजबूत करने के साथ उनके परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर लगातार काम किया जा रहा है।
शिक्षा को बताया विकास का मूलमंत्र
मुख्यमंत्री ने बच्चों से संवाद के दौरान अपने जीवन के संघर्ष और अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि जीवन में परिस्थितियां कैसी भी हों, शिक्षा, मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अभी से बड़े सपने देखने और भविष्य में देश-प्रदेश की सेवा के लिए लक्ष्य तय करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि कोई डॉक्टर बनना चाहता है, कोई इंजीनियर या वैज्ञानिक, तो कोई प्रशासनिक अधिकारी, उद्यमी या समाजसेवी बनने का सपना देखता है। लक्ष्य चाहे जो हो, उसकी मजबूत नींव शिक्षा से ही तैयार होती है। इसलिए विद्यार्थियों को मिले अवसर का पूरा लाभ उठाते हुए अनुशासन, मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के लिए आईआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान उपलब्ध हैं। श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा हेतु ऋण और विदेश में अध्ययन के लिए सहायता जैसी व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। सरकार चाहती है कि आर्थिक परिस्थितियां किसी प्रतिभावान बच्चे की शिक्षा और उसके सपनों के रास्ते में बाधा न बनें।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में खुल रहे शिक्षा और विकास के नए द्वार
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में नक्सलवाद लंबे समय तक बड़ी बाधा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों और सुरक्षा बलों के साहस से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है। अब उन क्षेत्रों में भी शिक्षा और विकास के नए अवसर पहुंच रहे हैं, जहां पहले इनकी पहुंच कठिन थी।
उन्होंने बताया कि ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी जैसी महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने के वही अवसर मिलें, जो बड़े शहरों में रहने वाले बच्चों को उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूलमंत्र को ध्येय बनाकर राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ रही है। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के लिए समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा और विकास के अवसर पहुंचाना जरूरी है।
ढाई वर्षों में श्रमिकों के खातों में 774 करोड़ रुपये से अधिक
श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में श्रमिकों और उनके परिवारों की सामाजिक सुरक्षा मजबूत करने के लिए लगातार नई पहल की जा रही है। श्रम विभाग के तीन मंडलों के माध्यम से वर्तमान में 67 प्रकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ श्रमिकों को दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में 774 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से श्रमिकों के खातों में अंतरित की गई है। सरकार का उद्देश्य है कि श्रमिकों के बच्चे आर्थिक परिस्थितियों के कारण अपने सपनों को सीमित न करें और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल कर अपनी पसंद के क्षेत्र में आगे बढ़ें।
श्रम मंत्री ने बताया कि बदलते रोजगार परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए श्रमिक कल्याण योजनाओं का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है। पार्सल डिलीवरी से जुड़े श्रमिकों को वाहन खरीदने के लिए सहायता और चरवाहों को आर्थिक सहायता देने जैसी नई योजनाओं पर भी काम किया जा रहा है।
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण आवश्यक है और इसके लिए प्रत्येक परिवार को विकास की यात्रा में साथ लेकर चलना होगा।
डॉ. रामप्रताप सिंह ने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना ने ऐसे परिवारों के प्रतिभावान बच्चों के लिए प्रतिष्ठित विद्यालयों के द्वार खोले हैं, जहां वे अपनी प्रतिभा को निखारकर भविष्य में नई ऊंचाइयां हासिल कर सकते हैं।
बच्चों ने साझा किए सपने और शिक्षा के अनुभव
समारोह में अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। राजनांदगांव के दिल्ली पब्लिक स्कूल में अध्ययनरत बीजापुर के अतीश ने बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें इतने प्रतिष्ठित विद्यालय में पढ़ने का अवसर मिलेगा। योजना के कारण उन्हें पढ़ाई के साथ खेल और अन्य गतिविधियों में अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिला है। अतीश ने मुख्यमंत्री के सामने आईएएस अधिकारी बनकर देश और प्रदेश की सेवा करने का सपना साझा किया।
रुंगटा पब्लिक स्कूल में अध्ययनरत कबीरधाम की छात्रा इशिका डाहरे ने बताया कि पहले उन्हें अंग्रेजी में सहजता से बात करने का भरोसा नहीं था। नए विद्यालय में मिले बेहतर वातावरण और अवसरों से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।
विद्यार्थियों के अभिभावकों ने भी मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में बच्चों को पढ़ाना उनके लिए आर्थिक रूप से कठिन था, लेकिन अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना ने उनके बच्चों के बेहतर भविष्य का सपना साकार करने का अवसर दिया है।
बच्चों के साथ भोजन कर सहज हुए मुख्यमंत्री
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय श्रमिक परिवारों के बच्चों के साथ दोपहर का भोजन करने बैठे। उन्होंने बच्चों के बीच सहजता से बैठकर उनसे बातचीत की और उनके सवालों के जवाब दिए। बच्चों ने मुख्यमंत्री से उनके बचपन, पढ़ाई, पसंदीदा भोजन और जीवन के संघर्षों से जुड़े सवाल पूछे।
मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए बच्चों के सवालों का जवाब दिया और अपने अनुभव साझा करते हुए उन्हें मेहनत, अनुशासन और निरंतर सीखते रहने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री की सहजता और आत्मीयता से बच्चे काफी प्रभावित नजर आए।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि उनकी सफलता ही सरकार और उनके माता-पिता की सबसे बड़ी खुशी होगी। वे खूब पढ़ें, अपने सपनों को बड़ा रखें और जीवन में सफल होने के बाद समाज और प्रदेश के प्रति अपने दायित्व को हमेशा याद रखें।
अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के प्रतिभावान बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक उत्कृष्ट निजी आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। योजना का उद्देश्य आर्थिक परिस्थितियों के कारण प्रतिभावान बच्चों के अवसर सीमित न होने देना और उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराकर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
कार्यक्रम में सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा, उपाध्यक्ष किशोर महानंद, श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता सहित विभागीय अधिकारी, श्रमिक, अभिभावक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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Source: Ekhabri


