होम Chhattisgarh रंग-तरंग में गूंजे छत्तीसगढ़ के लोकवाद्य, आधुनिक सुरों संग दिखी संस्कृति
Chhattisgarh

रंग-तरंग में गूंजे छत्तीसगढ़ के लोकवाद्य, आधुनिक सुरों संग दिखी संस्कृति

WhatsApp Facebook
रंग-तरंग में गूंजे छत्तीसगढ़ के लोकवाद्य, आधुनिक सुरों संग दिखी संस्कृति

For latest updates, join our official groups:

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंगीत परंपरा, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और आधुनिक संगीत के सुरों को एक मंच पर प्रस्तुत करने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय सांस्कृतिक आयोजन ‘रंग-तरंग’ का मंगलवार को महंत घासीदास संग्रहालय परिसर स्थित मुक्ताकाशी मंच पर शुभारंभ हुआ। आयोजन की पहली शाम लोकवाद्यों की गूंज, शास्त्रीय वाद्ययंत्रों की मधुर धुनों और लोकगायन की मनमोहक प्रस्तुतियों से गुलजार रही। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराया।

 

‘रंग-तरंग’ का आयोजन 1 से 3 सितंबर 2026 तक प्रतिदिन शाम 7 बजे से किया जा रहा है। आयोजन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की लोक एवं वाद्य संगीत परंपरा का संरक्षण करना, उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना और लोक तथा वाद्य संगीत से जुड़े कलाकारों को बेहतर मंच उपलब्ध कराना है।

IMG-20260902-WA0012-200x300 रंग-तरंग में गूंजे छत्तीसगढ़ के लोकवाद्य, आधुनिक सुरों संग दिखी संस्कृति

पहले दिन सजी सुरों की महफिल

 

आयोजन के शुभारंभ अवसर पर अलग-अलग वाद्य एवं संगीत प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लोक वादन फ्यूजन की प्रस्तुति विवेकानंद भारती एवं साथियों ने दी। पियानो वादन में मोहम्मद अयान रायकर, तबला वादन में नासिर खान, अंबिकापुर, बांसुरी वादन में तारकेश्वर वर्मा, रायपुर और लोकगायन में राहुल ठाकुर, रायपुर ने अपनी प्रस्तुतियों से संगीत की मनमोहक छटा बिखेरी।

 

कार्यक्रम की खासियत लोकधुनों और पारंपरिक वाद्यों के साथ आधुनिक संगीत के सुरों का अनूठा संगम रहा। प्रस्तुतियों में छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की सहजता और विविधता के साथ संगीत में किए जा रहे नए प्रयोगों की झलक भी देखने को मिली। पारंपरिक धुनों को आधुनिक वाद्ययंत्रों और संगीत शैली के साथ प्रस्तुत किए जाने से कार्यक्रम में नया आकर्षण देखने को मिला।

 

परंपरा और आधुनिकता का संगम जरूरी : डॉ. संजय कन्नौजे

 

संस्कृति एवं पुरातत्व संचालक डॉ. संजय कन्नौजे ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध लोकसंस्कृति और संगीत परंपरा से है। यहां के पारंपरिक वाद्ययंत्र केवल संगीत प्रस्तुत करने के साधन नहीं हैं, बल्कि वे प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और लोकजीवन की जीवंत अभिव्यक्ति भी हैं।

 

उन्होंने कहा कि ‘रंग-तरंग’ के माध्यम से पारंपरिक लोकवाद्यों और लोकधुनों को आधुनिक संगीत के साथ प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ कलाकारों को व्यापक पहचान दिलाने में भी मदद मिलेगी।

 

डॉ. कन्नौजे ने कहा कि वाद्य एवं संगीत कलाकारों के लिए ऐसे मंच उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर मिलने से कलाकारों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें व्यापक स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है। संस्कृति विभाग का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ की लोक एवं वाद्य संगीत परंपरा से जुड़े कलाकारों को लगातार प्रोत्साहित किया जाए और उन्हें नए मंच उपलब्ध कराए जाएं।

 

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में परंपरा को आधुनिकता से जोड़ना आवश्यक है। लोकधुनों और पारंपरिक वाद्यों को नए संगीत प्रयोगों के साथ प्रस्तुत करने से युवा पीढ़ी भी सहज रूप से इनसे जुड़ सकती है। ‘रंग-तरंग’ इसी दिशा में एक सार्थक पहल है।

 

शुभारंभ अवसर पर ये रहे उपस्थित

 

कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर विशेष रूप से संस्कृति एवं पुरातत्व संचालक डॉ. संजय कन्नौजे, संस्कृति उपसंचालक उमेश मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार एवं छायाकार दीपेंद्र दीवान, समाजसेवी उदय भान सिंह चौहान, साहित्यकार शकुंतला तर्रार और साहित्यकार अरविंद मिश्र सहित बड़ी संख्या में कला एवं संस्कृति प्रेमी तथा जनसामान्य उपस्थित रहे।

 

आगामी दिनों में भी दिखेंगे संस्कृति के विविध रंग

 

तीन दिवसीय ‘रंग-तरंग’ आयोजन के आगामी दिनों में संगीत एवं वाद्य प्रस्तुतियों के जरिए छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के विविध रंग दर्शकों के सामने प्रस्तुत किए जाएंगे। आयोजन के माध्यम से पारंपरिक लोकसंगीत और आधुनिक संगीत के बीच संवाद स्थापित करने के साथ प्रदेश के कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

The post रंग-तरंग में गूंजे छत्तीसगढ़ के लोकवाद्य, आधुनिक सुरों संग दिखी संस्कृति appeared first on Ekhabri.com.

Source: Ekhabri

Ekhabri
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Ekhabri
मूल लेख पढ़ें ↗
दोस्तों के साथ साझा करें
📰 सम्बन्धित समाचार

यह भी पढ़ें (सम्बंधित ख़बरे)