बस्तर की बदली तस्वीर दुनिया तक पहुंचाएंगे 41 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर
रायपुर। बस्तर में नक्सलवाद का प्रभाव कम होने के बाद क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास और बदलाव को अब सोशल मीडिया के जरिए देश-दुनिया तक पहुंचाने की पहल हो रही है। दिल्ली से छत्तीसगढ़ पहुंचे 41 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने राज्यपाल रमेन डेका से मुलाकात की और बस्तर में हुए बदलाव, विकास कार्यों, स्थानीय जनजीवन तथा पर्यटन की संभावनाओं को साझा किया।
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद का प्रभाव समाप्त होने के बाद केंद्र और राज्य सरकार क्षेत्र के लोगों के कल्याण और विकास के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही हैं। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है। कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। विकास के साथ लोगों का विश्वास बढ़ रहा है और लंबे समय से बना भय का वातावरण धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बस्तर में हो रहे सकारात्मक बदलावों को देश और विदेश तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उनके माध्यम से बस्तर की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी और क्षेत्र को लेकर बनी पुरानी धारणाओं को बदलने में मदद मिलेगी।
ये सभी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत छत्तीसगढ़ के भ्रमण पर पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से बस्तर में नक्सलवाद के प्रभाव के बाद आए बदलाव, विकास कार्यों, स्थानीय जीवनशैली और पर्यटन की संभावनाओं को करीब से देखा और समझा।
इन्फ्लुएंसर ने राज्यपाल को बताया कि उन्होंने तीन दिन बस्तर में बिताए। इस दौरान उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से संवाद किया और पहले नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों तथा गांवों का भ्रमण कर वहां की वर्तमान स्थिति को जाना। उन्होंने बताया कि मीडिया के माध्यम से उन्हें बस्तर में नक्सलवाद के बाद हो रहे बदलावों की जानकारी मिली थी। इसी बदलाव को प्रत्यक्ष रूप से देखने और समझने के उद्देश्य से वे बस्तर पहुंचे।
इन्फ्लुएंसर के अनुसार बस्तर में उन्हें शांति और सुकून का अनुभव हुआ। क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता ने उन्हें खास तौर पर प्रभावित किया। बेहतर सड़क संपर्क, प्रभावित लोगों के पुनर्वास और रोजगार के लिए किए जा रहे प्रयास भी उन्हें देखने को मिले। उन्होंने कहा कि बस्तर में जितने बदलाव की उन्होंने कल्पना की थी, वास्तविकता में उससे कहीं अधिक सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला।
उन्होंने कहा कि वे बस्तर में अपने अनुभवों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए देश-दुनिया के लोगों तक पहुंचाएंगे। इसका उद्देश्य बस्तर को लेकर बनी पुरानी धारणाओं को दूर करना और अधिक से अधिक लोगों को यहां की प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति और पर्यटन स्थलों से परिचित कराना है।
राज्यपाल ने कहा कि बस्तर के बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ा है। जो बच्चे पहले स्कूल नहीं जाते थे, वे अब नियमित रूप से स्कूल पहुंच रहे हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित विभिन्न विकास योजनाओं के माध्यम से गांवों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। इसके अलावा बस्तर के शहरों और पर्यटन स्थलों के विकास पर भी काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि रोजगार के अवसर बढ़ने से बस्तर में विकास की गति और तेज होगी। सरकार का प्रयास है कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और क्षेत्र के लोगों को बेहतर जीवन के अवसर उपलब्ध हों।
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे ने बताया कि दिल्ली से 41 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। इन इन्फ्लुएंसर से सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर पांच करोड़ से अधिक लोग जुड़े हुए हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के बाद हुए बदलाव और विकास कार्यों को प्रत्यक्ष रूप से देखा है। अब वे अपने अनुभवों को सोशल मीडिया के माध्यम से साझा करेंगे।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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Source: Ekhabri


