जल संकट का समाधान बना मोर गांव मोर पानी महाभियान
रायपुर, 23 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन और ग्रामीण विकास को नई गति मिल रही है। राज्य सरकार द्वारा संचालित “मोर गाँव मोर पानी महाभियान” अब ग्रामीण समृद्धि का मजबूत आधार बनता जा रहा है। यह अभियान जल संकट के स्थायी समाधान के साथ-साथ रोजगार सृजन और पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभा रहा है।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की ग्राम पंचायत सेमरदर्री इस अभियान का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरी है। यहां वैज्ञानिक पद्धति से किए गए कार्यों के कारण प्रतिदिन 67 लाख 23 हजार लीटर वर्षा जल का भू-जल में रिचार्ज हो रहा है, जिससे भू-जल स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है।
मरवाही विकासखंड के सेमरदर्री पंचायत के भाटा-टिकरा, शीतल गडहा और पथरा कोड़ी क्षेत्र में 8300 स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच का निर्माण किया गया है। इन संरचनाओं के माध्यम से वर्षा जल का अपव्यय रुक रहा है और मिट्टी की नमी लंबे समय तक बनी रह रही है, जिससे कृषि और वन क्षेत्रों को भी बड़ा लाभ मिल रहा है।
यह अभियान सिर्फ जल संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रहा है। ट्रेंच निर्माण कार्यों में प्रतिदिन 100 से 120 श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है और अब तक 8078 मानव दिवस का रोजगार सृजित किया जा चुका है। इससे ग्रामीणों की आय में वृद्धि हुई है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।
जिला प्रशासन की ओर से जनभागीदारी को बढ़ावा देते हुए जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप दिया जा रहा है। विभिन्न ग्राम पंचायतों में स्थायी जल संरचनाओं के निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे भविष्य में जल उपलब्धता बढ़ेगी और खेती अधिक टिकाऊ बन सकेगी।
“मोर गाँव मोर पानी महाभियान” मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की दूरदर्शी सोच का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया है। यह अभियान जल सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। आने वाले समय में यह मॉडल प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।
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Source: Ekhabri


