कॉमनवेल्थ सिल्वर विजेता ज्ञानेश्वरी यादव सम्मानित, युवाओं को नई प्रेरणा
रायपुर। कॉमनवेल्थ गेम्स (ग्लासगो) में भारोत्तोलन में रजत पदक जीतकर देश और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने वाली राजनांदगांव की युवा खिलाड़ी ज्ञानेश्वरी यादव का राजधानी रायपुर में सम्मान किया गया। उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में ज्ञानेश्वरी और उनके माता-पिता का अभिनंदन किया।
सम्मान समारोह के दौरान आयोजित प्रेस-कॉन्फ्रेंस में अरुण साव ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ और देश के लिए गर्व का ऐतिहासिक क्षण है। ज्ञानेश्वरी की इस उपलब्धि से राज्य में खेलों के प्रति सकारात्मक माहौल बनेगा और युवा खिलाड़ियों को नई प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, जिसमें बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक और स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव जैसे आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने आगे बताया कि खेल अलंकरण और उत्कृष्ट खिलाड़ियों के सम्मान की प्रक्रिया को फिर से शुरू किया गया है तथा खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए लगातार काम किए जा रहे हैं। उनका कहना था कि छत्तीसगढ़ में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत है उन्हें सही प्रशिक्षण और अवसर देने की।
इस अवसर पर ज्ञानेश्वरी यादव ने अपने संघर्ष और सफलता की कहानी साझा करते हुए कहा कि बड़ी प्रतियोगिताओं का अनुभव उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाता गया। उन्होंने बताया कि विश्व चैंपियनशिप में पहली बार उतरते समय वह दबाव में थीं, लेकिन उसी अनुभव ने उन्हें आगे की तैयारी के लिए प्रेरित किया।
ज्ञानेश्वरी ने भावुक होते हुए कहा कि उनके पिता का सपना ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा। शुरुआती दिनों में उनके पिता साइकिल से उन्हें जिम तक लेकर जाते थे और हमेशा प्रोत्साहित करते थे कि वे देश के लिए खेलें और तिरंगा ऊंचा लहराएं। उन्होंने कहा कि उनकी हर सफलता के पीछे उनके पिता का संघर्ष, समर्पण और त्याग छिपा है।
उन्होंने यह भी कहा कि जीवन की चुनौतियों ने उन्हें और मजबूत बनाया है और कठिन परिस्थितियों ने उन्हें आत्मविश्वास के साथ बड़े मंच पर प्रदर्शन करने की ताकत दी है। कार्यक्रम में खेल विभाग के अधिकारी, भारोत्तोलन संघ के पदाधिकारी और विभिन्न खेलों के खिलाड़ी भी मौजूद रहे।
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Source: Ekhabri


