होम › Chhattisgarh › कांकेर में वन्यजीव संरक्षण को नई ताकत, 60 लाख के तकनीकी नवाचार मंजूर
Chhattisgarh

कांकेर में वन्यजीव संरक्षण को नई ताकत, 60 लाख के तकनीकी नवाचार मंजूर

WhatsApp Facebook
कांकेर में वन्यजीव संरक्षण को नई ताकत, 60 लाख के तकनीकी नवाचार मंजूर

For latest updates, join our official groups:

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और वन्यप्राणियों की गतिविधियों की बेहतर निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। कांकेर में आयोजित राज्य स्तरीय वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह के समापन समारोह में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने तकनीकी नवाचारों के लिए कुल 60 लाख रुपए की मंजूरी की घोषणा की।

 

वन मंत्री ने बताया कि वन्यप्राणियों की निगरानी के लिए रेडियो कॉलरिंग परियोजना शुरू की जाएगी। इसके तहत भालू और तेंदुओं की गतिविधियों और उनकी लोकेशन पर नजर रखने के लिए 40 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। इससे संवेदनशील क्षेत्रों में वन्यजीवों की मौजूदगी की जानकारी समय रहते प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

 

इसके अलावा 20 लाख रुपए की लागत से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई आधारित मॉनिटरिंग और मोबाइल अलर्ट सिस्टम विकसित किया जाएगा। इस तकनीक के माध्यम से वन्यप्राणियों की गतिविधियों पर निगरानी रखने के साथ संभावित खतरे की सूचना मोबाइल अलर्ट के जरिए ग्रामीणों तक पहुंचाई जा सकेगी। माना जा रहा है कि इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने और ग्रामीणों की सुरक्षा बढ़ाने में मदद मिलेगी।

 

केदार कश्यप ने वन्यजीवों के सुरक्षित रेस्क्यू के लिए आधुनिक उपकरणों से लैस विशेष वाहन उपलब्ध कराने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि वन्यप्राणियों का संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने जनसहभागिता के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण को मजबूत करने का आह्वान किया।

 

समापन समारोह के दौरान वन मंत्री ने वन्यजीव संरक्षण, जैव-विविधता और प्राकृतिक विरासत पर आधारित तीन पुस्तकों एवं पुस्तिकाओं का भी विमोचन किया। इनमें गोमर्डा वन्यजीव अभयारण्य की जैव-विविधता पर आधारित ‘Gomarda: The Hidden Emerald of Chhattisgarh’, बाघिन के दृष्टिकोण से जंगल और उसके अनुभवों को प्रस्तुत करने वाली ‘अचानकमार की जीती-जागती कहानी झुमरी की जुबानी’ तथा गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व के प्राचीन शैलचित्रों और पुरातात्विक धरोहरों पर आधारित ‘Timeless Imprints: Guru Ghasidas Tamor Pingla Tiger Reserve’ शामिल हैं।

 

कार्यक्रम में मानव-वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन और वन्यप्राणी संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वन अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान उनके योगदान की सराहना करते हुए वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।

 

समारोह में विधायक आशाराम नेताम, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) ओ.पी. यादव सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, कलेक्टर, डीएफओ, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

The post कांकेर में वन्यजीव संरक्षण को नई ताकत, 60 लाख के तकनीकी नवाचार मंजूर appeared first on Ekhabri.com.

साभार: Ekhabri

Ekhabri
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Ekhabri
मूल लेख पढ़ें ↗
दोस्तों के साथ साझा करें
📰 सम्बन्धित समाचार

यह भी पढ़ें (सम्बंधित ख़बरे)